water problem in villages

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम सुमित है और मैं आज आप लोगों को गांव के सफ़र में ले के जाऊंगा। आज में आप लोगो से  इस लेख में यंहा के परिवेश, समाज, रीती रीबाज, प्रगति आदि के बारे में नहीं बल्कि आज जो एक विश्व की सबसे बड़ी समस्या है उसके गांव के ऊपर प्रभाव के बारे में बताऊंगा। किसी दूसरे लेख में गांव के बारे में कुछ मजेदार जानकारियां दूंगा। तो चलिए प्रारम्भ करते है। जैसा की आप सभी जानते है पानी आज विश्व की सबसे बड़ी समस्या है और आज पुरे विश्व में 20  से ज्यादा बड़े शहर सूखने के कगार पर खड़े है। लकिन आज में आप लोगों से भारत के गांव के बारे में बात करने वाला हूँ। भारत में ये समस्या और भी अधीक भयाबह है। भारत में 65% से अधीक लोग गांव में रहते हैं। और पुरे भारत में बहुत ही कम गांव ऐसे हैं जहाँ पे पाइप लाइन से पानी दिया जाता है। बाकि शेष भारत में ऐसा कुछ खास प्रबंध नहीं हे। आप लोग थोड़ा विचार कीजिये की कैसे इतनी बड़ी आबादी पानी की जरुरत पूरी करती होगी। तो चलिए इस बारे में बात करते हैं भारत के लगभग सभी गांव में नदी या तालाब है या फिर छोटा छोटा डोवा। और उसमे 8 से 10 महीना पानी रहता है और किसी किसी में तो पुरे साल। तो ज्यादातर गांव के लोग उसमे नहाने से लेकर जरुरत का ज्यादातर काम उसी में कर लेते हैं बस पीने का पानी कुआँ या चापाकल से लेते है। यंहा पर आप लोग कहेंगे की ये तो सभी को पता है पर यंहा एक गौर करने वाली बात है। आप सभी जानते हैं की पृथ्वी के नीचे का जलस्तर एक निश्चित मात्रा में है और इसका जरुरत से अधिक दोहन करने से ये एक दिन समाप्त हो जायेगा जैसा की डीप बोरिंग करेने से कुछ शहरों में पानी का स्तर बहुत ही निचे चला गया है और कहीं कहीं तो ख़त्म होने के कगार पर है। लकिन आज समस्या ये हे की गांववाले भी शहरों के प्रभाव में आकर डीप बोरींग करने लगे हैं और यदि ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन गांव से भी पानी ख़तम हो जायेगा। सरकार को कुछ जरुरी कदम उठाने होंगे कैसे की तालाबों की सौंदर्जीकरण, सफाई का  इंतज़ाम,लोगों में पानी को लेकर जागरूकता आदि। नहीं तो यह एक दिन विकराल रूप धारण कर लेगी। आप सभी का क्या विचार है और कैसे इस समस्या का हल निकला जाये कमेंट करके जरूर अपना  विचार प्रकट कीजियेगा। और आप सभी से निबेदन है की पानी को लेकर लोगों में जरुर जागरूकता फैलायें। 
धन्यवाद। 

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